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जानें कहाँ गये वो दिन

जब लिखना ही अभिरुचि था

ज़रूरत भी और कला भी

 

वो वक़्त कुछ और था

जब कलम ही ज़ुबान थी

और कोरा काग़ज़

मेरा अव्याप्त संसार

टूटे बिखरे से जीवन में

तन्हाई को खुद में सिमट जाने से रोकता

वो बंद सा

खुद ही का शिष्टाचार

 

 

अभी खुश हूँ

आज़ाद हूँ

देखता हूँ चारों ओर

और सोचता हूँ

की कितनी बिखरी हुई है

ये व्यवस्थित सी दुनिया

जहाँ खुद को थोड़ा वक़्त दे पाना भी

एक उपलब्धि से कम नहीं और

उपलब्धियों के पीछे भागना ही

दिनचर्या में आम है…

खाली सा हूँ या बहुत भरा

सहमा हुआ हूँ या बहुत डरा

सब कुछ है और सब हैं

फिर भी अकेला सा हूँ मैं

खुद बिन

जाने कहाँ गये वो दिन…

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Feel like writing something…

words disappearing,

feelings vaporizing,

the over brimming of the vessel of feelings

feels like it’s with a wrapping,

still I, with a heavy heart

Feel like writing something…

 

I wanna play some music

dance to its beats

till the world calls me mad,

may be I need a head banger

to kill this painless pain…

sitting in this lifeless chair

Feel like writing something…

 

pen rolls down on the paper

turning it white to near blue,

I’ve at this very moment

put out everything

but again at the end of last line…

Feel like writing something…

खुले आकाश में मिले और

उलझ कर रह गये,

उडाने वाले माँझे को कब

खुद चलाने लगे

पता ना लगा,

we

हम तुम...

बेरंग से कब आसमानी रंगों में रंगी

पतंगों में ढल गये

हम तुम…..

समय की बयार उडाती गई

और बहते गये,

और साथ उडते उडते

कब इस जग से और दूर

और ऊपर हो गये

पता ना लगा,

दो दिशाहीन अंजानों से

कब अपने से बन गये

हम तुम…

पर पतंगें ही तो थे,

कभी ना कभी

कटने बिछडने के लिये

ही तो उडे थे…

हवा ने रुख क्या बदला

धुंधले बादलों से नीचे आ गये,

उलझी डोर सुलझी,

और सुलझे हुए रिश्ते

कब उस बेज़ान सी डोर की तरह उलझ गये

पता ना लगा,

अनजान से अपने बने थे

अपनों से फ़िर अनजान बने…

इस मतलबी दुनिया को

बचाते समझाते कब

अनजान भी ना रहे

हम तुम…..

WAS ALWAYS DEDICATED TO YOU SWEETU… 🙂

 

A walk

hand in hand

:)

🙂

a sleep that

rests on shoulder

a sweetness that we share

a frown that you care

our voices so still

that heartbeats come to living…

no matter how and where and why I am,

will not stop loving…

 

Happiness is cherished with you,

you know about my tears too,

days sometimes are black

I hopefully can hold myself back,

I just count my days dear,

hours with you will be many more

o please..!!

hold me, hug me so near to you

so that every breath,

every thought

starts thanking you,

for I promise that a bigger promise

is waiting,

will not….

 

A whisper I hear,

a call so dear,

an hour much awaited

when another year adds to you again,

may the smile remains the same,

and happiness lifelong blooms,

and may everything you touch

always experiences unfading spring

will not ever…

 

WILL NOT STOP LOVING… 🙂 🙂

एक सीने में दो दिल धडकते

मैंने देखा है,

एक को रोते

एक को औरों को हँसाते

मैंने देखा है,

खुद को अंजानों की भीड में

और भीड जैसा माहौल

खुद में उमडते

मैंने देखा है..॥

 

दूसरों की पादुकाओं में

ठंडी रातों में

अपने मन को

कुलमुलाते मैंने देखा है,

दीवार जैसे रिश्तों को

समय की आँधी में

फिसलती रेत होते

मैंने देखा है…॥

 

happy hand

happy me 🙂

 

देखो ना इतने ध्यान से तुम,

नज़रें जो मिली तो रो पडोगे,

सौ दर्द, हज़ार आँसू, अनगिनत लफ़्ज़ दबे हैं यहाँ,

दिल के टुकडे ’गर’ गिनने निकलोगे

तो खुद बिखर पडोगे,

शब्दों में बयां ना हो जो,

उस दास्तां का सारांश है ये,

जहाँ लोग ज़मानों की तरह

बदल गये,

और बदले ज़मानों का

हिसाब नहीं जहाँ,

हर टूटी मुस्कुराहट में

छिपी खुशी है जहाँ,

और उन्हीं लोगों, ज़मानों और मुस्कुराहटों मे

बर्फ़ से ठंडे रिश्तों को

खून मे बदलते

मैंने देखा है…

मैंने देखा है…॥॥

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